“अक्षय तृतीया” पर बाल विवाहों की रोकथाम के लिए बी0एस0एस0 ने जिला प्रशासन के साथ मनाया सतर्कता दिवस’

ललितपुर।
जिले में बाल अधिकारों की सुरक्षा व बाल विवाहों की रोकथाम के लिए काम कर रहे संगठन बुन्देलखण्ड सेवा संस्थान ने अक्षय तृतीया के अवसर पर बाल विवाहों की रोकथाम के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सभागार में सतर्कता दिवस मनाया। कार्यक्रम में बाल विवाह निषेध अधिकारी (सीएमपीओ), प्रोफेसर समाज कार्य विभाग बी0यू0 झांसी के डॉ. मुहम्मद नईम वन स्टॉप सेन्टर प्रभारी प्रीति त्रिपाठी, धर्मगुरू ऑल इण्डिया पयाम-ए-इंसानियत फोरम झांसी के कोर्डिनेटर मुफ्ती इमरान नदवी व समुदाय के वॉलिन्टियरों ने भी सहयोग दिया और जिले में बाल विवाह की रोकथाम का संकल्प दोहराया।
जिले में अब तक बाल विवाह के खिलाफ अभियान की सफलता पर संतोष जाहिर करते हुए बुन्देलखण्ड सेवा संस्थान के निदेशक वासुदेव सिंह ने कहा कि अक्षय तृतीया के शुभ दिन की आड़ में बाल विवाह जैसे अपराध को कतई स्वीकार नहीं किया जा सकता। प्रशासन व नागरिक समाज संगठनों की सतर्कता से अब अक्षय तृतीया के दिन होने वाले बाल विवाहों की संख्या में खासी कमी आई है लेकिन हमें इसे पूरी तरह रोकने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम (पीसीएमए), 2006 के तहत दंडनीय अपराध है। इसमें किसी भी रूप में शामिल होने या सेवाएं देने पर दो साल की सजा व जुर्माना या दोनों हो सकता है। इसमें बाराती और लड़की के पक्ष के लोगों के अलावा कैटरर, साज-सज्जा करने वाले डेकोरेटर, हलवाई, माली, बैंड बाजा वाले, मैरेज हाल के मालिक और यहां तक कि विवाह संपन्न कराने वाले पंडित और मौलवी को भी अपराध में संलिप्त माना जाएगा और उन्हें सजा व जुर्माना हो सकता है। लेकिन जमीन पर हमारे गहन जागरूकता अभियानों से जागरूकता बढ़ी है और हालात बदले हैं। जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन 250 से भी ज्यादा सहयोगियों के साथ बाल विवाह की ऊंची दर वाले देश के 450 से भी ज्यादा जिलों में इस अपराध के खिलाफ अभियान चला रहा है। इस नेटवर्क ने अब तक पांच लाख से ज्यादा बाल विवाह रोके हैं।
वन स्टॉप सेन्टर प्रभारी प्रीति त्रिपाठी ने कहा कि अक्षय तृतीया जैसे अवसरों पर बाल विवाह की घटनाओं में वृद्धि की आशंका रहती है, इसलिए सभी संबंधित विभागों एवं समाज के प्रत्येक व्यक्ति को विशेष सतर्कता बरतना अति आवश्यक है। उन्होंने कहा कि बाल विवाह न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि यह बच्चों के अधिकारों का गंभीर उल्लंघन भी है। समुदाय स्तर पर जागरूकता बढ़ाकर, समय पर सूचना देकर और प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर इस कुप्रथा को रोका जा सकता है। इसके लिए ग्राम स्तर पर निगरानी समितियों को सक्रिय करने और आमजन को हेल्पलाइन नंबरों 112, 1098, 181, की जानकारी देने पर जोर दिया गया।
जिला प्रोवेशन कार्यालय की जिला समन्वयक रजनी वर्मा ने कहा कि अक्षय तृतीया जैसे पावन अवसर पर समाज के सभी वर्गों को विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि बाल विवाह न केवल कानून के विरुद्ध है, बल्कि यह मानवता और नैतिक मूल्यों के भी खिलाफ है। धर्म किसी भी रूप में इस कुप्रथा का समर्थन नहीं करता, बल्कि समाज में शिक्षा, समानता और बच्चों के अधिकारों की रक्षा का संदेश देता है। उन्होंने समुदाय से अपील की कि बाल विवाह की किसी भी सूचना को छिपाने के बजाय तुरंत प्रशासन को अवगत कराएं, ताकि समय रहते इसे रोका जा सके।

इस मौके पर सीनियर अधिवक्ता प्रतीक चौरसिया विशेष किशोर पुलिस इकाई प्रभारी रामस्नेह तिवारी, संरक्षण अधिकारी अधिकारी दीपिका त्रिवेदी, अमनदीप, शिवानी पोरवाल, समुदायिक कार्यकर्ता पवन गोतम एवं समस्त जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पीएलवी वॉलिन्टियर मौजूद रहे।

▶️पत्रकार रामजी तिवारी मड़ावरा
▶️ संपादक टाइम्स नाउ बुन्देलखण्ड
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