ककरूआ में फसलों में उर्वरकों के संतुलित प्रयोग पर जागरूकता अभियान का आयोजन

ललितपुर : बांदा कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, बांदा अंतर्गत संचालित कृषि विज्ञान केन्द्र, ललितपुर के केंद्राध्यक्ष डॉ. मुकेश चंद के नेतृत्व में “फसलों में उर्वरकों के संतुलित प्रयोग” विषय पर विशेष जागरूकता अभियान की शुरुआत अंगीकृत ग्राम ककरूआ में किया गया। केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक और अध्यक्ष डाo मुकेश चंद द्वारा कृषकों को आह्वान किया कि हर किसान अपने खेत की मिट्टी की जांच करायें एवं जांच के आधार पर ही उर्वरकों का प्रयोग करें। जिस प्रकार हमारे भोजन की थाली में सभी तत्वों का संतुलन आवश्यक है उसी प्रकार पौधों के भोजन में सभी तत्वों का संतुलन आवश्यक है। आवश्यकता से अधिक उर्वरकों के प्रयोग से खेती की लागत बढ़ती है। मृदा की उर्वरता स्तर में गिरावट आती है। मृदा में पौधों के लिए आवश्यक सभी 17 पोषक तत्वों जैसे नत्रजन, फास्फोरस, पोटाश, सल्फर, कैल्शियम, मैग्नीशियम आदि की संतुलित मात्रा आवश्यकता होती है। डॉ. दिनेश तिवारी, विषय वस्तु विशेषज्ञ-सस्य विज्ञान ने तकनीकी जानकारी बताया कि जिला ललितपुर के कृषक गत वर्ष (जनवरी से दिसंबर 2025) डीएपी/टीएसपी/एमएपी का 30073 मीट्रिक टन प्रयोग किया था। मृदा में यूरिया और डीएपी की आवश्यकता से अधिक और असंतुलित प्रयोग से मृदा में पोषक तत्वों का असंतुलन, मृदा उर्वरता में क्षीणता और उर्वरक उपयोग शमता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। कृषक बंधु यूरिया और डी ए पी की असंतुलित प्रयोग की अपेक्षा मृदा परीक्षण, फसल की आवश्यकता और वैज्ञानिक संस्तुत के आधार पर एन पी के कॉम्प्लेक्स और एस एस पी उर्वरक का संतुलित प्रयोग कर अधिक लाभ उठा सकते हैं। कृषक बंधु जैव उर्वरक, गोबर की सड़ी खाद और सूक्ष्म पोषक तत्वों के प्रयोग से भी अच्छी उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं। कृषक बंधु पौधों को दिये जाने वाले उर्वरकों का पौधों में क्या कार्य है, इसकी जानकारी पहले करें एवं उर्वरकों का प्रयोग सही मात्रा में सही समय पर और सही तरीके से ही करें। जिससे उनके धन का उचित उपयोग होगा और मिट्टी की उर्वरता के साथ वातावरण व मिट्टी का पर्यावरण भी स्वास्थ्य रहेगा। इस अवसर पर केन्द्र के डा. अनुज कुमार गौतम, विषय वस्तु विशेषज्ञ- पशुपालन ने कृषकों को पशुओं के गोबर, मूत्र, बिछावन और चारा अवशेष से गुणवत्तायुक्त खाद बनाकर खेत में डालने के लिए जागरूक किया गया। कार्यक्रम में ग्राम ककरूआ के प्रधान श्री पप्पू, श्रीमती रामा बाई, श्री देव सिंह, श्री सुखनंदन सहित 40 से अधिक प्रगतिशील कृषक/ महिला कृषकों ने प्रतिभाग किया।

▶️पत्रकार रामजी तिवारी मड़ावरा
▶️चीफ एडिटर टाइम्स नाउ बुन्देलखण्ड
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