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अशिक्षा के अंधकार से सीधा रण, 100 प्रतिशत शिक्षित यूपी का प्रण की थीम पर मा. मुख्यमंत्री ने वाराणसी से किया स्कूल चलो अभियान का शुभारंभ

* ललितपुर कलेक्ट्रेट में मा. जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में दिखा गया सजीव प्रसारण

* जनपद के समस्त 6 से 14 आयुवर्ग के बच्चों को शिक्षा की मुख्य धारा में समाहित किए जाने के उद्देश्य से दो चरणों में चलेगा “स्कूल चलो अभियान -2026”

ललितपुर।
मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश योगी आदित्यनाथ के कर कमलों द्वारा कंपोजिट विद्यालय शिवपुर, वाराणसी से “अशिक्षा के अंधकार से सीधा रण, 100 प्रतिशत शिक्षित यूपी का प्रण” की थीम पर शैक्षणिक सत्र 2026-27 में शत-प्रतिशत नामांकन एवं ट्रांजिशन सुनिश्चित करने वाले व्यापक ‘स्कूल चलो अभियान’ का शुभारंभ किया गया, जिसमें नवीन शैक्षणिक सत्र की पाठ्यपुस्तकों एवं निपुण विद्यालयों एवं निपुण विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र वितरण भी किया गया।
उक्त कार्यक्रम का सजीव प्रसारण कलेक्ट्रेट सभागार ललितपुर में मा. राज्यमंत्री प्रतिनिधि चन्द्रशेखर पंथ की गरिमामय उपस्थिति में अधिकारियों और प्राथमिक/परिषदीय विद्यालयों के छात्र छात्राओं को दिखाया गया। साथ ही छात्र छात्राओं को निःशुल्क पाठ्य पुस्तकों का वितरण किया गया। पुस्तक पाने वाले छात्रों में कक्षा 8 से राजीव जैन, कक्षा 7 से सोनम, कक्षा 6 से राघवेंद्र, कक्षा 5 से मोनिका और कक्षा 4 से सुहाना शामिल रहीं।
कार्यक्रम में बताया गया कि वर्ष 2026 में जनपद के समस्त 6 से 14 आयुवर्ग के बच्चों को शिक्षा की मुख्य धारा में समाहित किए जाने के उद्देश्य से “स्कूल चलो अभियान -2026” चलाया जा रहा है। इस अभियान का शुभारंभ मा. मुख्यमंत्री जी के द्वारा 1 जुलाई 2017 को किया गया था। स्कूल चलो अभियान’ का प्रथम चरण दिनांक 01 अप्रैल से 15 अप्रैल, 2026 तक एवं द्वितीय चरण 01 जुलाई से 15 जुलाई, 2026 तक संचालित किया जाएगा।
‘स्कूल चलो अभियान’ के प्रथम एवं द्वितीय चरण में अध्यापक विद्यालयों के सेवित क्षेत्र में रहने वाले परिवारों का सर्वे करके विद्यार्थियों को चिह्नित कर उनका नामांकन सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही जन्म प्रमाण-पत्र अथवा आधार कार्ड जैसे दस्तावेजों का अभाव होने पर अभिभावक द्वारा दी गई सूचना के आधार पर भी स्कूल में प्रवेश दिया जाएगा। अभियान के अंतर्गत 03 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले सभी बच्चों का आंगनवाड़ी/बालबाटिका एवं 06 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले समस्त बच्चों का कक्षा-1 में नामांकन के साथ ही 07 से 14 वर्ष के समस्त ड्रॉपआउट बच्चों का चिह्नीकरण एवं नामांकन कराया जाएगा।
राज्यमंत्री प्रतिनिधि चंद्रशेखर पंथ ने कहा कि ड्रॉप आउट बच्चों को की संख्या को जीरो तक लाना है। ड्रॉप आउट बच्चों को समाज की मुख्य धारा में लाने के लिए हमे मेहनत करनी होगी, निरंतर संघर्ष करते रहना ही जीवन की प्रवृति है। छात्र होते हुए हमे यह पता होना चाहिए कि हमारा लक्ष्य क्या है। हमारे लिए राष्ट्र सर्वोपरि होना चाहिए, शिक्षक बच्चों को इसका महत्व समझाए और उनके भविष्य को उज्वल बनाने के लिए मेहनत करें।
अपर जिलाधिकार न्यायिक अशोक कुमार यादव ने कहा कि मा. मुख्यमंत्री जी का निर्देश है कि प्रदेश में ड्रॉप आउट बच्चों की दर को 0 प्रतिशत तक लाया जाए, जिसके लिए जनपद में हम सभी को मिलकर स्कूल चलो अभियान को सफल बनाना है।
जिला विद्यालय निरीक्षक ओपी सिंह ने कहा कि यदि नामांकन से एक भी बच्चा छोटा तो सुरक्षा चक्र टूटा, इसके लिए जनपद में ड्रॉप आउट रेश्यो को 0 प्रतिशत पर लाना है। विगत वर्ष तात्कालिक जिलाधिकारी ने किशोरी बालिकाओं का सर्वे कराया था, जिनमें जनपद की लगभग 2 हजार किशोरियों ऐसी पाई गई थी, जिन्होंने पढ़ाई छोड़ दी थी। इसका मुख्य कारण बाल विवाह है। कोई भी देश तरक्की तब करता है, जब वहां शिक्षा की गुणवत्ता अच्छी हो। शिक्षक और छात्र का रिश्ता पिता पुत्र व माता और पुत्री का होना चाहिए, जिस दिन यह रिश्ता बन गया उस दिन हमे स्कूल चलो अभियान की आवश्यकता नहीं होगी, हम स्वतः इसके लिए तैयार होंगे। यदि हमारे आप पड़ोस के बच्चे स्कूल नहीं जा रहे हैं तो हमे कष्ट होना चाहिए और हमे उनके अभिभावकों को समझना चाहिए। हमारे स्कूल चलो अभियान का उद्देश्य तभी पूरा होगा जब प्रत्येक बच्चा स्कूल आकर पढ़ाई करें। इस वर्ष से सरकार द्वारा शिक्षा विभाग में ट्रैकर व्यवस्था लागू कर दी गई है, जिससे प्रत्येक बच्चे के बारे में यह जानकारी होगी कि किस बच्चे ने प्रवेश कर लिया है और कौनसा बच्चा छूट गया है, सरकार के पास प्रत्येक बच्चे का डेटा उपलब्ध होगा।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रणवीर सिंह ने कहा कि बहुत ही अल्प समय में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया है, स्कूल चलो अभियान का उद्देश्य है कि प्रत्येक बच्चे को स्कूलम लाना है, कोई भी बच्चा ड्रॉप आउट न करे, हम सभी शिक्षकों की जिम्मेदारी है कि हम प्रत्येक बच्चे का रिकॉर्ड रखें कि कोई बच्चा नामांकन से छूटा तो नहीं है। जनपद में ड्रॉप आउट एक बड़ी समस्या है, इसका मुख्य कारण शिक्षा के प्रति जागरूकता का अभाव है, इसको हमे मिलकर दूर करना है।
पीएम श्री राजकीय बालिका इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्य अंजना वर्मा ने कहा कि प्रत्येक विद्यालय में शिक्षक और अभिभावकों की मीटिंग होना आवश्यक है, इससे शिक्षा के प्रति बच्चे और अभिभावक जागरूक होंगे।

▶️पत्रकार रामजी तिवारी मड़ावरा
▶️चीफ एडिटर टाइम्स नाउ बुन्देलखण्ड
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