109 वर्ष प्राचीन महावीर दिगम्बर जैन संस्कृत विद्यालय एवं छात्रावास का होगा कायाकल्प आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होगी ऐतिहासिक संस्था, वार्षिक बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय

ललितपुर। जनपद के एकमात्र संस्कृत शिक्षण संस्थान श्री महावीर दिगम्बर जैन संस्कृत उच्च माध्यमिक विद्यालय एवं गणेश वर्णी दिगम्बर जैन छात्रावास, साढूमल की ट्रस्ट एवं प्रबंधकारिणी समिति की वार्षिक बैठक विद्यालय के मीटिंग हॉल में संपन्न हुई। बैठक का शुभारंभ प्रधानाचार्य अभिषेक शास्त्री द्वारा मंगलाचरण से किया गया। इसके बाद पिछली बैठक की कार्यवाही की समीक्षा की गई।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 109 वर्ष पुरानी इस ऐतिहासिक संस्था का व्यापक कायाकल्प किया जाएगा। विद्यालय एवं छात्रावास को वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप आधुनिक स्वरूप प्रदान किया जाएगा। इसके तहत कम्प्यूटर लैब, समृद्ध पुस्तकालय तथा विज्ञान लेब को आधुनिक ढंग से विकसित किया जाएगा। छात्रावास में विद्यार्थियों के लिए बेहतर एवं आकर्षक व्यवस्थाएँ की जाएंगी।
विद्यालय के ट्रस्टी सुधीर जैन (झांसी) ने कहा कि संस्था ने अपने 109 वर्षों के गौरवपूर्ण इतिहास में शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। विशेष रूप से संस्कृत, प्राकृत एवं प्राच्य विद्याओं के संरक्षण और संवर्धन में विद्यालय की भूमिका अतुलनीय रही है। उन्होंने संस्थापक श्री लक्ष्मीचंद जी रईस बमराना के योगदान को स्मरण करते हुए कहा कि उनका शिक्षा-जागरण का कार्य आज भी प्रेरणास्रोत है।
बैठक में आय-व्यय का विवरण गृहपति संतोष शास्त्री द्वारा प्रस्तुत किया गया। अध्यक्षता वर्द्धमान जैन ने की तथा आभार प्रबंधक कमल जैन ने व्यक्त किया।
207 विद्यार्थी कर रहे अध्ययन : वर्तमान में विद्यालय में कक्षा 6 से 12 तक कुल 207 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। यहां हिंदी, अंग्रेजी, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान के साथ-साथ संस्कृत और प्राकृत भाषा का विशेष अध्ययन कराया जा रहा है।
डॉ. सुनील जैन संचय हुए सम्मानित :
विद्यालय के पूर्व स्नातक एवं वर्तमान ट्रस्टी डॉ. सुनील जैन संचय (ललितपुर) को हाल ही में राजभवन लखनऊ में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल एवं उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक द्वारा सम्मानित किए जाने पर विद्यालय ट्रस्ट कमेटी, प्रबंधकारिणी समिति एवं सकल जैन समाज साढूमल द्वारा शाल, श्रीफल, तिलक, माला एवं साहित्य भेंट कर सम्मानित किया गया तथा इसे गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया।
इसी अवसर पर विद्यालय के ट्रस्टी सुधीर जैन (झांसी) को उनके परिवार द्वारा संस्था के लिए दिए गए उल्लेखनीय योगदान हेतु सम्मानित किया गया।
प्राच्य विद्याओं के संरक्षण में संस्था का योगदान अतुलनीय:
उल्लेखनीय है कि इस विद्यालय की स्थापना वर्ष 1917 में शिक्षा-जागरण पुरुष पूज्य गणेश प्रसाद जी वर्णी की प्रेरणा से हुई थी। इसके संस्थापक लक्ष्मीचंद जी रईस बमराना रहे। एक पाठशाला के रूप में प्रारंभ हुई यह संस्था बाद में उच्च शिक्षा के केंद्र के रूप में विकसित हुई। यहां से अध्ययन कर निकले हजारों विद्यार्थी आज विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर रहकर समाज एवं राष्ट्रसेवा में संलग्न हैं। विद्यालय के पांच स्नातकों को राष्ट्रपति पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है।
इस अवसर पर सुधीर जैन झांसी (ट्रस्टी), कन्छेदी सिंघई मड़ावरा (ट्रस्टी), देवेन्द्र जैन झंडा(ट्रस्टी), डॉ सुनील संचय (ट्रस्टी), अध्यक्ष वर्द्धमान जैन , प्रबन्धक कमल जैन, मंत्री राजेश जैन, उपमंत्री अनिल जैन, प्रधानाचार्य अभिषेक शास्त्री, गृहपति संतोष शास्त्री, जीवन जैन, चक्रेश जैन, प्रकाशचंद्र जैन, राजेन्द्र जैन, कल्याण सिंघई, हुकमचंद जैन, सुरेंद्र जैन, अकलंक जैन, प्रियंक जैन, डॉ. कमल जैन आदि पदाधिकारी एवं सदस्यगण उपस्थित रहे।

▶️पत्रकार रामजी तिवारी मड़ावरा
▶️ संपादक टाइम्स नाउ बुन्देलखण्ड
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