महारानी लक्ष्मीबाई एवं इंदिरा गाँधी को जयंती पर किया नमन। 1857 की क्रांति में महारानी लक्ष्मीबाई का अद्वितीय योगदान- विशाल जैन

मड़ावरा (ललितपुर) विकासखंड अंतर्गत संकुल केंद्र पारौल के उच्च प्राथमिक विद्यालय गुरयाना में झाँसी की वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई की 197 वीं जयंती एवं देश की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी की 108 वीं जयंती धूमधाम से मनायी गयी। इस मौक़े पर विद्यालय स्टाफ एवं बच्चों ने चित्र के समक्ष श्रद्धा सुमन समर्पित विनयांजलि समर्पित की। इस मौक़े पर सहायक अध्यापक विशाल जैन पवा ने कहा प्रथम स्वतंत्रता संग्राम 1857 की क्रांति में महारानी लक्ष्मीबाई का अद्वितीय योगदान है। उन्होंने कभी हिम्मत नहीं हारी और अंग्रेजों से लोहा लेकर हर हाल में देश की रक्षा करने का संकल्प लिया। उनके बचपन का नाम मणिकर्णिका था और प्यार से सभी लोग उन्हें मनु या छबीली कहते थे।
देश की राजनीति में भारत रत्न इंदिरा गांधी ने अपने अदम्य साहस, दृढ़ निश्चय और अपार जनसमर्थन के दम पर देश के राजनीतिक इतिहास को नई दिशा दी। बचपन से सौम्य व्यक्तित्व और सुंदरता के कारण इन्हें सभी ने प्रियदर्शिनी नाम दिया। प्रधानमंत्री बनने के बाद इंदिरा गांधी ने जिस निर्णायक क्षमता का परिचय दिया उसने उन्हें विश्व राजनीति की ‘आयरन लेडी’ के रूप में स्थापित कर दिया। इस मौके पर इंचार्ज प्रधानाध्यापक संतोष कुमार कुशवाहा, सहायक अध्यापक नरेंद्र प्रताप सिंह, शिक्षामित्र हाकम सिंह एवं अनीता तिवारी ने नारी शक्ति की प्रतीक महारानी लक्ष्मीबाई एवं इंदिरा गाँधी के आदर्श जीवन चरित्र महान व्यक्तित्व और शौर्य पूर्ण कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए उन्हें प्रासंगिक बताया।

पत्रकार रामजी तिवारी मड़ावरा
चीफ एडिटर टाइम्स नाउ बुन्देलखण्ड
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