पावागिरि में अखिल भारतीय विराट कवि सम्मेलन संपन्न शहनाज हिंदुस्तानी की ईश भक्ति, गुरु भक्ति और देश भक्ति ने श्रोताओं को किया मंत्रमुग्ध

तालबेहट। सिद्ध क्षेत्र पावागिरि की पावन धरा पर वार्षिक मेला के दूसरे दिवस रात्रि में अखिल भारतीय विराट कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता ओमप्रकाश एड ओरछा ने की। देश के विभिन्न स्थानों से पधारे कवियों ने अपने कविता पाठ से श्रोताओं को देर रात तक जगाये रखा और खूब तालियां बटोरी। दिल्ली से आये वीर रस के कवि शहनाज हिंदुस्तानी ने महावीर वंदना से काव्य पाठ का शुभारम्भ किया। ग्वालियर से आये हास्य रस के कवि रविंद्र रवि की रचना ‘महावीर स्वामी की महिमा सद ग्रंथों ने गायी है, जैन धर्म से बढ़कर कोई धर्म न दूजा भाई है’ खूब सराही गयी। अलीगढ़ से आये कवि वेद प्रकाश मणि की रचना ‘अमर वीरों का बलिदान अभिमान तिरंगा, मां भारती की आरती सम्मान तिरंगा, गंगा है अमृतधारा दयावान तिरंगा, झुकने न देंगे आन बान शान तिरंगा’ पर श्रोता खूब झूमे। इंदौर के गीतकार कन्हैया राज की रचना ‘प्रेम अनजाने से पहचान बना देता ह, प्रेम एक दूसरे को जान बना देता है, प्रेम का मूल्य बयां कैसे करूं शब्दों में, प्रेम पत्थर को भी भगवान बना देता है’ ने श्रोताओं को प्रेममय अनुभूति करायी। हरदोई के हास्य कवि अजीत शुक्ला की रचना ‘जंगल में लोकतंत्र के लिए होगे चुनाव, सुनकर हाथी घोड़े कुत्ते झूमने लगे, एक बार हम को जिता दो कह कहकर, सिंह मेमनो के भी चरण चूमने लगे’ ने खूब तालियां बटोरी एवं उन्होंने अपने हास्य व्यंग्य से सभी को लोट पोट कर दिया।
रहली से आयी गजल गायक मंजू श्री कटारे ने अपनी रचना ‘मानव का सारा जीवन बस ज्ञान की गागर जैसा हो, धर्म कर्म में हर व्यक्ति प्यारे नटनागर जैसा हो, आज जरूरत आन पड़ी है समय भी हमसे कहता है, भारत का हर संत यहाँ बस विद्यासागर जैसा हो’ द्वारा श्रोताओं को बाँधे रखा। संचालक वीर रस के ओजस्वी कवि वीरेंद्र जैन विद्रोही ने अपनी रचना ‘देश की सुरक्षा हेतु पापा मेरे जाना तुम, इस बार जंग पापा जीत कर के आना तुम’ सुनाकर वाह-वाही लूटी। शहनाज हिंदुस्तानी की ईश भक्ति, गुरु भक्ति और देश भक्ति ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया, उन्होंने जैन धर्म की प्रभावना में प्रमुख भूमिका निभाई। उनकी रचना ‘पारसनाथ भगवान तुम्हारी लीला का कोई पार नहीं, तेरे चरणों के सिवा कहीं भी और मोक्ष का द्वार नहीं’ एवं ‘देश धर्म की दुनिया में हर प्राणी का सम्मान है, सबसे पहले धर्म हमारा अपना हिंदुस्तान है’ ने सभी को प्रभावित किया। इस मौक़े पर पं. विनोद शास्त्री, उत्तचंद्र बबीना, जयकुमार कन्धारी, कपिल मोदी, हितेंद्र पवैया, विकास पवा, पंकज भंडारी, आशीष कुमार, अभिषेक जैन, मनोज पुरोहित सहित सैकड़ों श्रोता मौजूद रहे। संचालन क्षेत्र अध्यक्ष ज्ञानचंद जैन बबीना एवं आभार व्यक्त उपाध्यक्ष विशाल जैन पवा ने किया।
पत्रकार रामजी तिवारी मड़ावरा
चीफ एडिटर टाइम्स नाउ बुन्देलखण्ड
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