धर्म
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त्याग में ही जीवन का सुख और राग दुख का कारण- निर्भय सागर पर्यूषण पर्व में आचार्य श्री ने कहा त्याग से होता जीवन में उन्नति का मार्ग प्रशस्त
ललितपुर। त्याग के माध्यम से जीवन की उन्नति का मार्गप्रशस्त होता है जैसे जैसे वस्तु का त्याग करते जाते हैं…
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दशलक्षण व्रतों के आठवें दिन उत्तम त्याग धर्म की हुई आराधना। जिस कार्य को करने से कर्मों की निर्जरा हो वह धर्म है- पं. संतोष कुमार।
स्वभाव में संयम है तो सार अन्यथा मानव जीवन बेकार- सजल भैया। ललितपुर। सिद्ध क्षेत्र पावागिरि सहित तालबेहट के दोनों…
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*धर्म नगरी वर्णी नगर मड़ावरा में बह रही धर्म की गंगा…* _संयम, तप के कारण आचार्य विद्यासागर जी धरती के भगवान कहलाए–_*ब्र• कल्पना दीदी बंडा*
मड़ावरा : संत शिरोमणि आचार्य श्री गुरुवर विद्यासागर जी महाराज के पट्टाचार्य श्री समय सागर जी महाराज के आशीर्वाद एवं…
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संयम की आराधना ही जीवन की श्रेष्ठ साधना-विनम्र सागर 0-पर्यूषण पर्व में आचार्य श्री ने कहा संयम से ही जीवन में शान्ति की अनुभूति 0-सुगंध दशमी पर जैन मंदिरों में श्रावक- श्राविकाओं ने की धूप विसर्जित
ललितपुर। संयमी व्यक्ति का जीवन संयत और निर्मल बताते हुए वैज्ञानिक संत आचार्य श्री निर्भय सागर महाराज ने कहा संयम…
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दशलक्षण व्रतों के छटवें दिन मनाया सुगंध दशमी महापर्व। बिना संयम के मनुष्य पशु के समान – पं. संतोष कुमार जीवन की वास्तविकता को जाने बिना संयम को धारण नहीं कर सकते – सजल भैया
ललितपुर। सिद्ध क्षेत्र पावागिरि सहित तालबेहट के दोनों जैन मंदिरों में आध्यात्मिक महापर्व दशलक्षण व्रतों के छटवें दिन मंगलवार को…
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जीवन में पाप कार्यों से बचना ही आर्जव धर्म -आचार्य निर्भय सागर जैन मंदिरों में पर्यूषण पर्व पर पूजन अभिषेक कर आस्था जता रहे श्रद्धालु
ललितपुर। जीवन में अपेक्षा रहे और काम न हो मायाचारी पैदा होती है माया इसलिए होती है कि अपेक्षा पूरी…
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दशलक्षण पर्व के तीसरे दिन मायाचारी छोड़कर उत्तम आर्जव धर्म को किया अंगीकार। ऋजुता, मृदुता और शुचिता मानव जीवन में धर्म के मूल आधार – पं. संतोष कुमार विनय के बिना आत्मा की शुद्ध परिणति प्राप्त नहीं होती- सजल भैया
तालबेहट(ललितपुर) सिद्ध क्षेत्र पावागिरि सहित कसबे के दोनों जैन मंदिरों में आध्यात्मिक साधना के प्रतीक दशलक्षण महापर्व में तीन दिनों…
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जीवन में अहंकार नहीं सरलता जरूरी -आचार्य निर्भय सागर जैन मंदिरों में पर्यूषण पर्व पर धार्मिक प्रतियोगिताओं को लेकर उत्साह
ललितपुर। दूसरों की बुराई नहीं अपने को देखने में ही धर्म है। विश्वास को मन को समझने की इच्छा आ…
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पर्यूषण महापर्व में धार्मिक अनुष्ठानों की मची धूम दशलक्षण पर्व के दूसरे दिन मान कषाय छोड़कर उत्तम मार्दव धर्म को किया अंगीकार
ललितपुर। सिद्ध क्षेत्र पावागिरि सहित तालबेहट के दोनों जैन मंदिरों में गुरुवार से शुरू हुए जैन धर्म के दशलक्षण महापर्व…
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क्रोध के समान आत्मा का कोई दूसरा शत्रु नहीं- निर्भय सागर जैन मंदिर में पर्यूषण पर्व पर श्रावकों ने की धर्मअर्चना शुरू
ललितपुर। क्षमा का अभाव क्रोध है, पर कहा यह जाता है कि क्रोध का अभाव क्षमा है। क्रोध क्षमा की…
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दस लक्षण धर्म का पालन करने से मिलती है आत्मशुद्धि- गुरुदत्त सागर,
महरौनी, ललितपुर- श्री अजितनाथ दिगंबर जैन मंदिर में विराजमान आचार्य श्री निर्भय सागर महाराज के परम प्रभावक शिष्य मुनि श्री…
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