*जब अन्नदाता समृद्ध होगा, तभी देश समृद्ध होगा: जिलाधिकारी सत्य प्रकाश*

ललितपुर। उद्यान विभाग द्वारा एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजनान्तर्गत मा0 कल्याण सिंह सभागार रामनगर ललितपुर में दो दिवसीय किसान मेला का शुभारम्भ जिलाधिकारी श्री सत्य प्रकाश, मा0 जिला पंचायत अध्यक्ष श्री कैलाष नारायण निरंजन एवं मा0 श्रम सेवा योजन राज्यमंत्री प्रतिनिधि श्री चन्द्रशेखर पंथ द्वारा सरस्वती मॉ के चित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलित व माल्यार्पण कर किया गया। मेला में जनपद के कृषि सहयोगी विभिन्न विभागों, स्वयं सहायता समूहों, पी0एम0एफ0एम0ई0 योजना के लाभार्थियों द्वारा स्टॉल लगाये गये। स्टॉलों का निरीक्षण जिलाधिकारी, मा0 जिला पंचायत अध्यक्ष, मा0 राज्यमंत्री प्रतिनिधि एवं अन्य जनप्रतिनिधयों द्वारा किया गया। स्टॉलों के माध्यम से किसानों को विभिन्न विभागों में संचालित योजनाओं की जानकारी प्राप्त हुई।
सर्वप्रथम जिला उद्यान अधिकारी राजेन्द्र कुमार द्वारा कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथीगणों एवं कृशकों का अभवादन व्यक्त करते हुये उद्यान विभाग में संचालित सभी योजनाओं को विस्तार से बताया एवं आवेदन प्रक्रिया एवं पात्रता पर विस्तार से चर्चा की गयी। उन्होने बताया कि उद्यान विभाग की फ्लैगषिप योजना माइक्रोइरीगेषन योजनान्तर्गत जनपद में 4 हजार से अधिक कृशकों को लाभान्वित किया गया है जनपद में प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना से 388 खाद्य प्रसंस्करण इकाईयों की स्थापना की गयी है एवं बागवानी योजना से 70 हे0 में नये बागों का रोपण किया गया है।
*जिलाधिकारी कार्यक्रम में अपने सम्बोधन में उपस्थित समस्त कृषकों का अभिवादन करते हुये कृशकों को परम्परागत खेती के साथ-साथ औद्यानिक फसलें जैसे-बाग लगाना, सब्जी, मिर्च, हल्दी, धनिया आदि की खेती एक छोटे से खेत से शुरू करने का सुझाव दिया। उन्होने बताया कि सरकार सभी औद्यानिक फसलों की खेती हेतु प्रोत्साहन के रूप में बीज, पौधें, खाद, दवाई एवं पोशक तत्व निःशुल्क उपलब्ध कराती है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वह सरकार द्वारा संचालित अनेकों किसान हितार्थ का लाभ उठाकर अपनी आय में वृद्धि करें। उन्होंने कहा कि जब अन्नदाता समृद्ध होगा तभी देश समृद्ध होगा। आपकी समृद्धि के लिए सरकार द्वारा अनेकों कल्याणकारी योजनाएं संचालित हैं, जिसका आवेदन अपने नजदीकि जनसेवा केन्द्र से कराकर उनका भरपूर लाभ उठाएं। इसके लिए उन्होंने मौके पर ही जिला उद्यान अधिकारी को निर्देशित किया कि वह अपनी सभी विभागीय योजनाओं से किसानों को अवगत कराएं और उसका व्यापक प्रचार-प्रसार कराएं ताकि सभी किसानों को योजनाओं के बारे में जानकारी हो सके।*
कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिक डॉ0 दिनेश कुमार तिवारी द्वारा कृषकों को सूक्ष्म सिंचाई पद्धति की खूबियों को गिनाया उन्होने कहा कि यदि कृशक सूक्ष्म सिंचाई पद्धति अपनाता है तो उसे सामान्य की अपेक्षा 50 से 60 प्रतिषत तक पानी की बचत होती है एवं उत्पादन में वृद्धि होती है और किसान को अलग से कोई खाद, दवाई, पोशक तत्व डालने की जरूरत नहीं होती है सिंचाई पद्धति की मुख्य यूनिट में एक बैन्चुरी सिस्टम लगा होता है जिसे खाद दवाई या पोशक तत्व के घोल बाली बाल्टी में डालते है तो उस पानी के साथ पौधों की जड़ो में पहुॅचा देती है।
नेहरू महाविद्यालय के उद्यान विज्ञान के प्रवक्ता श्री लक्ष्मीकांत मिश्रा द्वारा कृशकों को बागवानी करने हेतु प्रेरित किया गया तथा बागवानी से होने वाले लाभों की जानकारी दी गयी और नेहरू महाविद्यालय परिसर में उनके द्वारा विकसित आंवला के बाग एवं संचालित औद्यानिक गतिविधियों को देखने और उनसे प्रेरणा लेने हेतु कृशकों को आमंत्रित किया। नेहरू महाविद्यालय के कृशि/मृदा संकाय के प्रवक्ता श्री एच0सी0 दीक्षित द्वारा कृशकों को फसल कटाई के बाद फसल अवशेषों को खेत में जलाने से होने वाले नुकसानों को बताया और फसल अवषेश प्रबंधन करने हेतु कृशकों को जागरूक किया।
नेहरू महाविद्यालय के सस्य विज्ञान के प्रवक्ता श्री अवनीस कुमार त्रिपाठी द्वारा सिंचाई पद्धतियों को वर्णन करते हुये बताया कि बुन्देलखण्ड में ज्यादातर किसानों के पास छोटे-छोटे टुकड़ों में एक ही गॉव में कई जगहो पर भूमि होती है ऐसी स्थिति में किसान हर खेत पर सूक्ष्म सिंचाई की स्थापना नहीं करा सकता इसलिए सरकार द्वारा सामूहित सिंचाई पद्धति को चलाया जा रहा है जिसे वैज्ञानिक भाशा में च्व्टप्ज् सिंचाई पद्धति कहते है जिसमें 10 हेक्टेयर से 25 हेक्टेयर तक के किसान एक समूह बनाकर पोविट सिंचाई पद्धति की स्थापना कराते है जिसमें एक ही साथ पूरा रकबा सिंचित होता है। उद्यान विभाग द्वारा इस सिंचाई पद्धति हेतु प्रोत्साहित किया जाता है।
मा0 जिला पंचायत अध्यक्ष कैलाष नारायण निरंजन द्वारा उद्यान विभाग की योजनाओं की सराहना करते हुये कहा कि सरकार द्वारा उद्यान विभाग, कृशि विभाग, मत्स्य विभाग, दुग्ध विभाग, पषुपालन विभाग आदि के माध्यम से बहुत सारी किसानोन्मुखी योजनायें संचालित है। जो जनपद के किसानों को समृद्धषाली बनाने में अहम भूमिका निभा रही है तथा किसानों की आय बढ़ाने में मददगार साबित हो रही है।
मा0 राज्यमंत्री श्री मनोहर लाल पंथ के प्रतिनिधि श्री चन्द्रषेखर पंथ द्वारा किसानों को समझाया गया कि यदि आपके पास 5 एकड़ भूमि है तो आप 1 एकड़ भूमि पर कोई एक औद्यानिक फसल जैसे-बगीचा या षाक सब्जी की खेती करें और षेश रकवा में परम्परागत खेती करने पर आपको एक एकड़ औद्यानिक खेती से 4 एकड़ परम्परागत खेती की तुलना में 5 से 6 गुना अधिक मुनाफा होगा और आप स्वयं की अपनी पूरी भूमि पर औद्यानिक खेती करने लगेंगे। साथ ही कीटनाषक रहित खेती करने, मिट्टी का कटाव रोकने हेतु पेड़ लगाने एवं फसल अवषेश को जलाने के जगह उन्हें जीवामृत का प्रयोग कर खाद बनाकर उपयोग करने की सलाह दी। उन्होने खेती के साथ-साथ गाय पालन की सलाह दी और गौ आधारित खेती के लाभों की जानकारी दी।
कृशक श्री तिलक राम कौषिक द्वारा औद्यानिक खेती में अपना अनुभव किसानों के साझा किया और विभागीय योजनाओं के माध्यम से अनुदान प्राप्त कर आधुनिक/वैज्ञानिक तरीके से जैविक खेती करने हेतु किसानों से आग्रह किया।
कार्यक्रम का संचालन लोक सागर सोसायटी के दल नेता शैलेन्द्र सागर ने किया।
अंत में जिला उद्यान अधिकारी द्वारा कार्यक्रम में उपस्थित सभी अधिकारीगणों/जनप्रतिनिधि एवं कृशकों का धन्यवाद किया इस कार्यक्रम में जिलाधिकारी श्री सत्यप्रकास, मा0 राज्यमंत्री प्रतिनिधि श्री चन्द्रषेखर पंथ, मा0 जिला पंचायत अध्यक्ष श्री कैलाष निरंजन, जिला सूचना अधिकारी, वैज्ञानिक श्री दिनेष कुमार तिवारी, जिला कृशि अधिकारी, ने0मा0वि0 के प्रवक्ता श्री लक्ष्मीकांत मिश्रा, डॉ0 एच0सी0 दीक्षित, डॉ अवनीष कुमार, डॉ0 पंकज कुमार षर्मा, उद्यान निरीक्षक श्री रंजीत कुमार एवं जनपद के कृशणगण मौजूद रहे।
पत्रकार रामजी तिवारी मड़ावरा
चीफ एडिटर टाइम्स नाउ बुन्देलखण्ड
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