जैन धर्मजैन समाजटाइम्स नाउ बुन्देलखण्डधर्म

*भक्तामर विधान पूजन का आयोजन* *श्री दिगम्बर जैन नया मंदिर चितपुर

*भक्तामर विधान पूजन का आयोजन*

*श्री दिगम्बर जैन नया मंदिर चितपुर (कोलकाता) के दर्शन का आनंद असीम शांति,अद्भुत वास्तुकला और आत्मिक शुद्धि का संगम है।यहाँ ध्यान और पूजा से मानसिक शांति,पवित्रता और आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव होता है।*

*प्राचीन मंदिर की कलात्मकता और वहां का शांत वातावरण ध्यान के लिए आदर्श है,जो आत्मा को परमात्मा से जोड़ता है।*

*तीर्थंकरों की प्रतिमाओं के दर्शन से क्रोध,अहंकार और लोभ से मुक्ति और निज आत्मा की शांति महसूस होती है।*

*मंदिर में प्रवेश करते समय मन में निस्वार्थ भाव और श्रद्धा रखना दर्शन को और अधिक आनंदमयी बनाता है।*

*डबसन जैन समाज के साधर्मी बंधुओं ने आज सामूहिक श्री जी का मंगल अभिषेक,शांतिधारा,पूजन एवं भक्तामर विधान किया*

*भक्तामर स्त्रोत्र की रचना श्री मानतुंग आचार्य ने की थी इस स्त्रोत का दुसरा नाम आदिनाथ स्त्रोत्र भी है यह संस्कृत में लिखा गया है प्रथम अक्षर भक्तामर होने के कारण ही इस स्त्रोत का नाम भक्तामर स्त्रोत पड़ गया ये वसंत तिलका छंद में लिखा गया है*

*भक्तामर स्त्रोत में 48 श्लोक है हर श्लोक में मंत्र शक्ति निहित है*

*इस विधान में भागचंद बड़जात्या,शैलेश गंगवाल, विनोद गंगवाल,नितेश जैन, अखिलेश जैन,संजय काला एवं उपस्थित सभी साधर्मी बंधुओं ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया*

▶️पत्रकार रामजी तिवारी मड़ावरा
▶️चीफ एडिटर टाइम्स नाउ बुन्देलखण्ड
▶️विज्ञापन एवं जुड़ने के लिए सम्पर्क करें 👇
▶️9455422423,9695121690

Share this post to -

Related Articles

Back to top button