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त्योहारों को लेकर प्रशासन अलर्ट: पीस कमेटी की बैठक में शांति व व्यवस्थाओं पर जोर

महरौनी (ललितपुर)।
आगामी त्योहारों को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से कोतवाली परिसर में प्रभारी निरीक्षक की अध्यक्षता में पीस कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रमुख रूप से नवरात्रि, ईद, महावीर जयंती एवं हनुमान जयंती को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में पुलिस विभाग के अधिकारियों ने सभी समुदायों से आपसी भाईचारे, सहयोग एवं सद्भाव के साथ त्योहार मनाने की अपील की, ताकि क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनी रहे। इस दौरान मार्गों की व्यवस्था, साफ-सफाई, बिजली-पानी की उपलब्धता तथा सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखने एवं किसी भी प्रकार की अफवाहों से बचने की भी अपील की गई।
बैठक में नवरात्रि के दौरान मंदिरों में सुबह-शाम बढ़ने वाली भीड़ को ध्यान में रखते हुए विशेष व्यवस्थाओं पर चर्चा हुई। महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए मंदिर परिसरों के आसपास महिला कांस्टेबल तैनात करने, प्रमुख मार्गों से गुजरने वाले वाहनों पर निगरानी रखने तथा बिजली-पानी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने पर बल दिया गया। वहीं ईद के अवसर पर ईदगाह में साफ-सफाई, पेयजल एवं विद्युत व्यवस्था के सुचारु संचालन हेतु नगर पंचायत को आवश्यक निर्देश दिए गए।
बैठक में पुलिस प्रशासन की ओर से अतिरिक्त निरीक्षक निर्भय सिंह, कस्बा प्रभारी अभिषेक सिंह, निखिल मालिक सहित आशाराम तिवारी, जाहिर सिंह बघेल, पार्षद प्रतिनिधि उदयभान सिंह, दीपक तिवारी ‘मोना’, पार्षद जाकिर अली, हाजी मुहम्मद हारून, समद खान एडवोकेट, मोहम्मद आशिफ, असलम अली, सलीम खान, दिलबर खान, मोहम्मद सलीम (पेश इमाम), हमीद खान राइन, बरकत राइन, सत्येंद्र पालीवाल, बलवान सिंह सहित महरौनी मीडिया के ताहिर सिंह, राजीव सिंघई ‘मोनू’, सूर्यकांत त्रिपाठी, शैलेन्द्र नायक, देवेंद्र तिवारी, बबलू रत्नाकर, आनंद पंडा एवं नगर के अन्य संभ्रांत नागरिक उपस्थित रहे।

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पीस कमेटी बैठकों में उच्च अधिकारियों की अनुपस्थिति बनी चिंता का विषय,

त्योहारों, जुलूसों एवं धार्मिक आयोजनों के मद्देनज़र आयोजित की जाने वाली पीस कमेटी की बैठकों में विभागीय व तहसील स्तरीय अधिकारियों की अनुपस्थिति एक बड़ी समस्या के रूप में सामने आ रही है। अक्सर इन बैठकों में न तो संबंधित विभागों के अधिकारी पहुंचते हैं और न ही उनका कोई प्रतिनिधि उपस्थित रहता है। इस कारण बैठकों का मूल उद्देश्य अधूरा रह जाता है और यह केवल औपचारिकता बनकर रह सकता जाती है। बैठक में मौजूद लोग पुलिस से सामान्य चर्चा कर चाय-नाश्ते तक सीमित रह जाते हैं, जबकि आवश्यक व्यवस्थाओं पर ठोस निर्णय नहीं हो पाते।
स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि बिजली विभाग, जलकल विभाग, नगर पंचायत एवं तहसील प्रशासन के अधिकारी नियमित रूप से इन बैठकों में भाग लें, तो त्योहारों के दौरान व्यवस्थाएं बेहतर ढंग से सुनिश्चित की जा सकती हैं और शांति व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाया जा सकता है।

▶️पत्रकार रामजी तिवारी मड़ावरा
▶️चीफ एडिटर टाइम्स नाउ बुन्देलखण्ड
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