घंटाघर की बन्द घड़ियां ललितपुर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर को बट्टा लगा रही है :- बु. वि. सेना

ललितपुर। बु. वि. सेना के मीडिया प्रभारी सिद्धार्थ शर्मा ने एक विज्ञप्ति के माध्यम से जिला प्रशासन से मांग की है कि ललितपुर शहर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर के प्रतीक घंटाघर की घड़ियां महीनों से बंद पड़ी हैं। उन्होंने कहा कि पहले के जमाने में घंटाघर के घंटे की आवाज सुनकर सुदूर के लोगों को समय का पता चल जाता था। परंतु घंटाघर का यह घंटा सालों पहले मौन हो चुका है। अब रही सही कसर महीनों से घड़ियां खराब होने से पूरी हो चुकी है।इसकी सुध लेने वाला कोई नहीं है।
उन्होंने कहा कि ललितपुर का घंटाघर स्वतंत्रता प्रेमियों के संयुक्त प्रयास से निर्मित देशभक्तों की कीर्ति का प्रेरणादायी स्मारक है। इस ऐतिहासिक इमारत में स्थापित शान्तिमूर्ति महात्मा गांधी जी तथा क्रान्तिमूर्ति अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद की दुर्लभ युगल मूर्ति हमें राष्ट्रप्रेम के लिए सदा प्रेरणा देती रहती है।
उन्होंने कहा कि घंटाघर की दीवार पर महान समाजवादी विचारक डॉ राममनोहर लोहिया जी के विचार महात्मा गांधी जी के प्रति शिलापट्ट पर अंकित है। उन्होंने कहा कि हमारे ललितपुर शहर की ऐसी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर घंटाघर की घड़ियां महिनों से बंद होना बेहद अफसोसजनक है। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि अविलंब घंटाघर की घड़ियों तथा बजने वाले घंटे की मरम्मत करके उन्हें सुचारू बनाया जाये।
पत्रकार रामजी तिवारी मड़ावरा
चीफ एडिटर टाइम्स नाउ बुन्देलखण्ड
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