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*सिद्ध चक्र महामंडल विधान के समापन पर निकाली गई विमान उत्सव यात्रा*

टीकमगढ़ : 1008 पारसनाथ दिगंबर जैन चौबीसी वेध मंदिर में दिनांक 12 फरवरी से 19 फरवरी तक ,सिद्ध चक्र महामंडल विधान चल रहा है
धर्म प्रभावना समिति के अध्यक्ष नरेंद्र जनता ने जानकारी देते हुए बताया
इस विधान के पूर्ण होने पर समापन के रूप में विमानोत्सव यात्रा निकाली गई,जो वेध मंदिर जी से प्रारंभ होकर दीक्षित मोहल्ला कटरा बाजार पुराना मजदूर चौराया स्टेट बैंक चौराहा वासुदेव चौराहा से वैध मंदिर वापस पहुंची पर इस शोभा यात्रा में सबसे आगे डीजे फिर मुनि महाराज ससंग उसके बाद श्रीजी का विमान और अंत में बग्गी पर बाहर से पधारे विदमान विराजमान थे मंदिर जीपहुंचने पर प्रवचन का लाभ प्राप्त हुआ मुनि श्री समत्व सागर जी महामुनि राज “लाइफ मैनेजमेंट स्किल्स” पर दे रहे हैं प्रेरक प्रवचन
इन दिनों टीकमगढ़ नगरी आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर है। प्रख्यात जैन संतj यहां “लाइफ मैनेजमेंट स्किल्स” विषय पर प्रभावी प्रवचन श्रृंखला प्रदान कर रहे हैं। प्रतिदिन 500 से अधिक श्रोता—जैन एवं अजैन दोनों समुदायों से—बड़ी संख्या में उपस्थित होकर लाभ ले रहे हैं।
आंतरिक प्रबंधन पर विशेष बल
अपने प्रवचनों में महाराज श्री ने बताया कि मानव जीवन की अधिकांश समस्याएँ बाहरी परिस्थितियों से नहीं, बल्कि अंतरंग की चंचलता और अशांत मन से उत्पन्न होती हैं। उन्होंने कहा कि मंदिर, घंटानाद, मंत्रोच्चारण और सकारात्मक ऊर्जा के संपर्क से मन-मस्तिष्क में परिवर्तन संभव है।
महाराज श्री ने “घंटी की ध्वनि” और “ओम् मंत्र” के वैज्ञानिक प्रभावों का उदाहरण देते हुए बताया कि सूक्ष्म तरंगें मस्तिष्क को झंकृत कर निर्णय क्षमता, शांति और एकाग्रता को बढ़ाती हैं। उन्होंने समझाया कि जैसे नकारात्मक वातावरण का प्रभाव व्यक्ति साथ ले आता है, वैसे ही जिनालय की सकारात्मक तरंगें जीवन में पुण्य और प्रगति का कारण बनती हैं।
युवाओं और व्यापारियों के लिए मार्गदर्शन
प्रवचन श्रृंखला में बच्चों, युवाओं और व्यापारियों के लिए अलग-अलग जीवन सूत्र दिए जा रहे हैं। महाराज श्री ने कहा कि
• बच्चों के लिए – संस्कार और ध्यान एकाग्रता बढ़ाते हैं।
• युवाओं के लिए – संयम और सकारात्मक संगति सफलता का आधार है।
• व्यापारियों के लिए – पुण्य और शुद्ध परिणाम कम परिश्रम में अधिक फल देते हैं।
जैन-अजैन सभी ले रहे लाभ
इस आध्यात्मिक श्रृंखला की विशेषता यह है कि इसमें केवल जैन समाज ही नहीं, बल्कि अन्य समाज के लोग भी बड़ी संख्या में सम्मिलित होकर जीवन प्रबंधन के सूत्र सीख रहे हैं। श्रोताओं का कहना है कि प्रवचनों से तनाव, डिप्रेशन और मानसिक अशांति में कमी अनुभव हो रही है।
आगे भी जारी रहेगी श्रृंखला
महाराज श्री ने संकेत दिया है कि यह प्रवचन श्रृंखला आगामी दिनों में और भी गहन विषयों के साथ जारी रहेगी, जिसमें देवदर्शन, ऊर्जा विज्ञान और आंतरिक शांति के रहस्यों पर विस्तार से चर्चा होगी।
टीकमगढ़ में चल रही यह आध्यात्मिक लहर लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम बन रही है।

पत्रकार रामजी तिवारी मड़ावरा
चीफ एडिटर टाइम्स नाउ बुन्देलखण्ड
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