सड़क पर गोवंशों से दुर्घटनाओं की चिंता आए दिन दुर्घटनाओं में हो रही जनहानि, शासन के निर्देशों का पालन नहीं कर रहे जिम्मेदार अधिकारी

मड़ावरा, मड़ावरा तहसील के साड़ूमल में सड़क पर विचरण करते गोवंशों को बचाते समय दुर्घटनाओं में जानहानि के मामले आए दिन सामने आ रहे हैं फिर भी अन्ना गोवंशों को सड़क से गोशाला पहुंचाने में तेजी नहीं आ रही है। रबी की बुआई प्रारम्भ होते ही सड़कों पर गोवंशों के झुंड सक्रिय हो गए हैं। इस कारण होने वाले हादसों में कभी इनके तो कभी वाहन सवारों के खून से सड़कें लाल हो रही हैं।
अन्ना मवेशियों की समस्या से निपटने और इनके संरक्षण को जनपद में इस समय 27 गोवंश आश्रय स्थल संचालित हैं। इसके अलावा नगर पालिका परिषद ललितपुर, नगर पंचायत महरीनी, तालबेहट में कान्हा आश्रय हाऊस हो संरक्षण के लिए ही बनाए गए हैं। पशुपालन विभाग के दावों पर गौर करें तो इनमें लगभग 30,000 गोवंश संरक्षित हैं। इसके अलावा सहभागिता के तहत नौ हजार से अधिक गौवंशों की ग्रामीण देखभाल कर रहे हैं। इस तरह लगभग 40,000 गोवंशों की खुराक भूसा, साइलेज, चूनी, दाना, गुड़, चारा आदि पर 50 रुपये प्रतिदिन प्रति मवेशी की दर से हर रोज बीस है। इस तरह एक महीने में 06 लाख करोड़ और इनकी एक वर्ष में 72 करोड़ रुपये सिर्फ गोवंशों की खुराक पर खर्च हो रहा है। देखरेख में लगे अफसरों व कर्मियों को वेतन और मानदेय के रूप में लाखों रुपये दिए जा रहे हैं। इसके बाद में अन्ना गोवंश सड़कों पर आय दिन सड़क हादसों को न्योता दे रहे है । जिसके कारण आय दिन होने वाली दुर्घटनाओं में कभी इन मवेशियों की मौत होती तो कभी वाहन लाल हो रही हैं। रबी फसल की बुआई प्रारंभ होते ही बड़ी संख्या में गोवंश सड़कों पर आ चुके हैं। जिसकी वजह से लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बीते पंद्रह दिनों में गोवंशों से बचकर निकलने के प्रयास में हुई दुर्घटनाओं में कुछ लोगों की मौत भी हो चुकी है।
पत्रकार रामजी तिवारी मड़ावरा
चीफ एडिटर टाइम्स नाउ बुन्देलखण्ड
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